चल रे कांवरिया शिव के धाम


देवघर- भारत के झारखण्ड राज्य का एक शहर है। यह देवघर जिले का मुख्यालय तथा हिन्दुओं का प्रसिद्ध तीर्थस्थल है। इसे 'बाबाधाम' नाम से भी जाना जाता है| यहाँ भगवान शिव एवं शक्ति का एक अत्यन्त प्राचीन मन्दिर स्थित है। हर सावन में यहाँ लाखों शिव भक्तों की भीड़ उमड़ती है। यहाँ भारत के विभिन्न भागों से तीर्थयात्री और पर्यटक आते  हैं, विदेशों से भी पर्यटक आते हैं। इन भक्तों को 'काँवरिया' कहा जाता है।  शिव पुराण मे लिखा है ये मंदिर श्मशान मे है। परन्तु श्मशान नदी के तट पर होता है । जबकि देवघर के प्रांगण मे कुआ है! बाबा बैद्यनाथ धाम भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों में एक माना जाता है। यहां शिव शक्ति के एक साथ दर्शन होते हैं!
सुल्तानगंज  - भारत के बिहार राज्य के भागलपुर जिला में स्थित एक ऐतिहासिक स्थल है। यह गंगानदी के तट पर बसा हुआ है। यहाँ बाबा अजगबीनाथ का विश्वप्रसिद्ध प्राचीन मन्दिर है। उत्तरवाहिनी गंगा होने के कारण सावन के महीने में लाखों काँवरिये देश के विभिन्न भागों से गंगाजल लेने के लिए यहाँ आते है ! सुल्तानगन्ज हिन्दू तीर्थ के अलावा बौद्ध पुरावशेषों के लिये भी विख्यात है। सन १८५३ ई० में रेलवे स्टेशन के अतिथि कक्ष के निर्माण के दौरान यहाँ से मिली बुद्ध की लगभग ३ टन वजनी ताम्र प्रतिमा आज बर्मिन्घम म्यूजियम में रखी है।
बाबा बासुकीनाथ बासुकिनाथ झारखंड के दुमका  देवघर  राजमार्ग जर्मुडी ब्लॉक मैं पर 25 किमी स्थित है! बसुसिनाथ मंदिर यहां मुख्य आकर्षण है। जसिदीह जंक्शन रेलवे स्टेशन और जमातारा रेलवे स्टेशन निकटतम रेलवे हैं। रांची हवाई अड्डा निकटतम हवाई अड्डा है।
यात्रा विशेष - सुल्तानगंज से संकल्पित पवित्र जल कांवड़ में लेकर 105 किलोमीटर नंगे पैर डामरीकृत सड़क, कच्ची सड़क, रेतीली सड़क पर पहाड़ियों से होकर गुजरना , तेज धूप, छांव, मौसम की बरसात के साथ धर्मशालाओं में आश्रय लेते हुए "संयमित" होने का सबक मिलता है, मार्ग की कठिन यात्रा में पैरों में उत्पन्न छालों के असहनीय दर्द के साथ प्रत्येक शिव भक्तों का "बोल-बम" और "बम-बम भोले" के जयघोष के साथ हंसते मुस्कुराते हुए मस्ती में चलना---
" शिव भक्त के संपूर्ण जीवन को हर परिस्थिति में हंसते मुस्कुराते चलने का साहस प्रदान करता है !
      "ऊँ नमः शिवाय"
शिवकृपा विक्रम🙏🙏🙏

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